Feel Bhagwan Krishna | Guided Meditation | Shrimad Bhagwat Katha | dhyan | Yoga | Healing | Om | Ram

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100 Responses

  1. शिव शक्ति मागँ

    March 17, 2019 1:52 am

    sree krishna kahete he sree mad bhagvad gita me kahte he ki arjun tu aatma svarup ban muj parmatma ko jann

    Reply
  2. Jagabandhu Garnayak

    March 23, 2019 3:19 pm

    Sant ji ki Jay hoo Jay Jay radhe Rani ki Jay Jay radhe Rani ki Jay Jay radhe Rani ki Jay Jay radhe Rani ki Jay Jay radhe Rani ki Jay Jay radhe Rani ki Jay Jay radhe Rani ki Jay hoo

    Reply
  3. Bespiritual TV

    March 30, 2019 4:39 pm

    👉वह धर्म कौनसा है जिसकी स्थापना के लिए भगवान बार बार अवतार लेते हैं?
    👉हिन्दू धर्म क्या है?
    👉सतयुग, कलयुग, द्वापर और त्रेतायुग का धर्म पर प्रभाव?
    👉वास्तविक धर्म है क्या?

    हिन्दू एक फारसी शब्द है ग्रीक और फारसी सिन्धु नदी के इस तरफ रहने वालों को हिन्दू बुलाते थे हिन्दू कोई धर्म नहीं एक रहन सहन का तरीका है।

    अपने वेद पुराणों में धर्म और अधर्म दो ही बातें बताई गई हैं जिसमें धर्म को भगवान विष्णु के विराट रूप में छाती के स्थान पर बताया गया है जिसका अर्थ है सत्य बोलना और किसी को धोका ना देना और इसके विपरीत भगवान विष्णु पीठ को अधर्म बताया गया है जिसका अर्थ है झूट बोलना और लोगों को धोका देना।

    इसलिए अगर आप सत्य के सारथी हो तभी धार्मिक हो वरना आपका पूजा पाठ भी व्यर्थ का आढम्बर है।

    भगवान जिस धर्म की स्थापना के लिये बार बार अवतार लेते हैं वो और कुछ नहीं सत्य है।

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    युगों का धर्म पर प्रभाव-

    "जिस समय लोगों के मन बुद्धि और इन्द्रियाँ सत्वगुण में स्थित होकर अपना कार्य करती है वह समय सतयुग का होता है सत्व गुण की प्रधानता से मनुष्य मनुष्य ज्ञान और तपस्या में अधिक लीन रहता है।

    जिस समय मनुष्यों की प्रकृति सुखों और लौकिक पारलौकिक भोगों को भोगने की होती है शरीर मन और इन्द्रियाँ रजो गुण मे स्थित होकर कार्य करती है वह त्रेता युग कहा गया है।

    जिस समय लोभ असंतोष अभिमान और दम्भ में पढ़कर मनुष्य सकाम कर्मो में पड़ना चाहे उसे द्वापर युग समझना चाहिए।

    जिस समय झूट कपट हिंसा भय और गरीबी की प्रधानता हो तब तमोगुण प्रधान कलयुग समझना चाहिए कलयुग के प्रभाव से पाखंडी लोग अपने नए नए मत और धर्म बना कर मनमाने ढंग से वेदो का तात्पर्य समझाने लगते हैं और इस प्रकार वेदो को भी कलंकित करते हैं।"

    – २६ -५२, श्रीमद्भागवतपुराण द्वादश स्कंध

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    केवल धर्म संसार की उत्पत्ति से है जो कि सदा सनातन है "हिन्दू" शब्द तो आया ही धर्म के विभाजन के लिये है इसी लिए इसका वर्णन अपने किसी वेद या पुराण में नहीं है आज की युवा पीढी के लिए ये जरूरी है कि दिन का कुछ समय वेदों और पुराणों के अध्ययन पर अवष्य लगायें, अन्यथा पूरा जीवन व्यर्थ के आढम्बरों और सुनी सुनाई बातों को ही धार्मिक मानने में बीत जायेगा।

    🐚🏕️☀️🌈🏹 Bespiritual.TV 🐚🏕️☀️🌈🏹

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  4. Preetima Sen

    April 1, 2019 7:20 pm

    Hamare sabhi aatmao ke pita parmatma nirakar shiv hai real god hai Bhagwan dharti PR aa chuke hai brahmakumari centre jakr 7 days ka free course hota hai waha pr AAP sabhi log jaiye ek Baar jarur jaiye plz ek Baar plz.

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  5. Krishna Singhal

    April 4, 2019 11:22 pm

    He knows peace who has forgotten desire. Meditation is possible only when there is no desire.. The company of saints and good people are essential in gradients for meditation,which would help in controlling desires and the rest would follow.

    Reply
  6. Krishna Singhal

    April 4, 2019 11:27 pm

    A very constructive discourse ,if one knows how to silence the troubled mind which is so very restless and hardly knows peace

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  7. भागवत सरणम

    April 10, 2019 6:24 pm

    बहुत अछी सम्झाया जय हो जय हो सन्सार मे सब दीखने समान नासवान हय फीर भी मन सन्सारका तरफ जाता हय कयसे लगाया जाय निरन्तर भगवान का और कृपया बताईयन ?

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  8. Ashwin Jetani

    April 16, 2019 5:21 am

    Guru Ramlalji Siyag ke photo ka dhayan karne se automatic yog hota hai ek bar anubhav karke dhekhe sab pata chal jayega www the-comforter. org jarur dheke

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  9. Ramesh Chandra BHARTIYA

    April 22, 2019 12:13 pm

    सनातन धर्म ! अन्याय, अत्याचार, और पाप से धर्म की हानि होती है, तब -तब भगवान किसी न किसी रुप में अवतार लेते है।
    ॐ नमो भगवते वासुदेवाये नमः।।

    Reply
  10. Ramesh Chandra BHARTIYA

    April 22, 2019 12:16 pm

    श्री कृष्ण गोविन्द हरे मुरारी ,हे नाथ नारायण वासुदेवा।।
    ॐ श्री लक्ष्मी नारायण नमों नमः।।

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  11. Rama Singh

    May 6, 2019 2:38 am

    hari om namo narayana jai jai mere pyare hari koi shabd nhi bana jisme prabhu teri mahima sama sake nath🙏🙏

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  12. ॐ जय गुरूदेवं जय गुरूदेव ॐ

    May 13, 2019 1:00 pm

    ध्यान सद्गुरूदेव के स्वरूप का होता है

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  13. susmita acharjee

    May 19, 2019 8:23 am

    Kintu mara Krishna to kahata ha ke kabal suddh Prem SA hejeta ja sahta ha unha…or kese chai ke jarurat nahe hote …to yea dab keya ha.

    Reply
  14. Rautela Motor Trade & Insurance services Regd

    May 19, 2019 1:30 pm

    Parbhu ko m soch raha hu ….dil sy mara mara kah Ky unka dhayan karu….??? Mara, mara, mara, mara.mara wo isliy kiyu Ki Sab trah parbhu ko Jap liya….ab kuch naya karu??

    Reply
  15. Bespiritual TV

    May 31, 2019 7:25 am

    सबके भीतर हृदय कमल पर विराजमान श्री हरी को पाना सबसे आसान है परन्तु ये दुनिया बहुत निराली है अपने मन और हृदय के बीच पड़े इच्छाओं के पर्दे को हटाना ही नहीं चाहती।

    Reply
  16. kamlesh tokle

    June 2, 2019 7:24 am

    Esa bhashan tumhare Krishn ne kub Diya tha. Batao to Bhai.
    Konsi ahal thi kinda yug tha kansa mas rha konsa din tha konsa time tha.
    Nahi Bata sakte ho to bakewas mat karo.
    Jo Hy uska adhyan Karo Jo kalpnik ta ko vastvik me mat lao.
    Jo chiz Hy hi nahi uska vivran Kyo de rahe ho.
    Kalpnik varta ko badhava mat do Bhai.

    Reply
  17. Braj prem Ki yatra

    June 10, 2019 4:33 pm

    Agar aapka Prem bhaw hai Prem Bhaw se AAP banke Bihari ji Ko he apna sab Maan lo to kanhiya jarur milege or bhaw Ko Puran krege jaisa bhaw wese aayege to kirpya adhuri Bate Ni udhav ji Ka gayan Radha Rani ne he toda tha to gayan walo Radhe Radhe

    Reply
  18. Binati Patra

    June 26, 2019 4:26 pm

    HARE KRISNA HARE KRISNA KRISHNA KRISHNA HARE HARE HARE RAM HARE RAM RAM RAM HARE HARE JOI SRI KRISHNA ON NAMAH BHAGABATE BASUDEVAY NAMAH OM SANTI

    Reply
  19. Binati Patra

    June 26, 2019 4:32 pm

    I V SEEN AT JAGAARNAT AT PURI LAXMI IN HIS HEART BUT THERE NOTING FOR A MOMENT I V SEEN JOI JAGARNATA

    Reply
  20. Saurabh Sarraf

    June 27, 2019 9:35 am

    इस प्रकार के वीडियो मै जब भी देखता हु
    मेरे मन को एक अशीम सुख की प्राप्ति हो जाती है …
    पता नहीं क्यों मेरा मन इन संसारिक सभी प्रकार के भोग विलास से अलग किसी शांतिपूर्ण स्थान पर जाकर ईश्वर को अपने हिर्दय मे समाहित कर परम आनंद की प्राप्ति करने को व्याकुल हो उठता है…
    मैंने कुछ दिनों तक ध्यान किया तब से मुझे ऐसा अनुभव होता है
    मै नहीं जानता ऐसा क्यों महसूस होता है ??
    अगर कोई अनुभवी मेरे प्रश्नों का उत्तर दे दे तो मुझे काफी खुशी होगी l

    Reply
  21. Dimple Bhade

    July 7, 2019 5:13 pm

    Aatma ka pita parmatma god shiv is on earth please contact nearest brahmkumari center

    Reply
  22. Rakesh Kumar

    July 10, 2019 3:14 pm

    जय जय श्री राधे राधे कृष्णा हे राधे हे कृष्णा हे राधे

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